लेखनी प्रतियोगिता -24-Jul-2024 तेरे बाद तो ताउम्र मुझको रोना ही है
तेरे बाद तो ताउम्र मुझको रोना ही है
अभी कुछ पल तेरे सोहबत में मुस्कुराने तो दे
तू मेरा नहीं है इस बात का मुझे ग़म न रहेगा
एक बार अपने ख़्वाब में मुझको आने तो दे
देखती हूं मौत मेरा क्या बिगाड़ लेती है
मुझे एक बार जिंदगी को आजमाने तो दे
मैं जानती हूं ये आखरी मुलाकात है तेरी-मेरी
तू एक बार रुठ जा और फिर मनाने तो दे
तू तो निभाएगा नहीं ये रिश्ता अब मोहब्बत का
कम से कम मुझको ही अकेले निभाने तो दे
चैन से जीने नहीं देता है तू मुझको कभी
सुकून से ही सही मुझको मर जाने तो दे
अब तो हमेशा के लिए दोनों जुदा होने वाले है
जाते जाते मुझको एक बार गले लगाने तो दे